STORY OF THE DAY – कद्दू की तीर्थ यात्रा

STORY OF THE DAY – कद्दू की तीर्थ यात्रा

एक बार गाँव के कुछ लोग तीर्थ यात्रा पर जा रहे थे तो लोगो ने वंहा के एक ज्ञानी संत के पास जाकर उनके साथ चलने की प्रार्थना की | संत ने खुद जाने में असमर्थता जताते हुए उनसे कहा कि चलो मैं तो कुछ व्यस्त होने की वजह से तुम लोगो के साथ तीर्थ यात्रा जाने में असमर्थ हूँ लेकिन अवश्य ही तुम लोगो का मन रखते हुए मैं तुम्हे ये कद्दू देता हूँ तुम इस को साथ तीर्थ यात्रा पर ले जाओ और जिस जगह तुम स्नान करो वंहा इसे स्नान करवा देना और जन्हा तुम पूजा करो वंहा पूजा में तुम इसे साथ रखना इस पर साधू ने उन्हें वो कड़वा कद्दू दे दिया |

वो लोग जन्हा भी गये साधू द्वारा कहे गये बातों का बिना गूढ़ अर्थ समझे अनुसरण किया और जब वो लोग दर्शन करने लगे तो भी वंहा उन्होंने कद्दू को भी दर्शन करवा दिए | काफी दिन बाद जब वो लोग तीर्थ यात्रा से लौटे तो संत को वापिस कद्दू भेट किया और कहा कि महाराज जेसा अपने कहा वैसा ही हमने किया | इस पर साधू ने उन लोगो के लिए एक छोटे से भोज का आयोजन किया और उन्हें उसी कद्दू की सब्जी परोसी गयी | इस पर लोगो ने कहा कि इस कडवे कद्दू की सब्जी तो बेहद कडवी है और वो लोग साधू से बेहद नाराज हुए | लेकिन साधू ने सहज भाव से कहा जिस तरह कद्दू की तीर्थ यात्रा से उसके स्वाद में कोई बदलाव नहीं आया उसी तरह तुम लोग भी जब तक अपने स्वाभाव में बदलाव् नहीं करोगे जिन्दगी में कुछ भी बदलने वाला नहीं है | मन को बदलोगे तो हर जगह तीर्थ है | यात्रियों को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने ने साधू से माफ़ी मांगी और अपने स्वाभाव को बदलने के लिए वादा किया |

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